♦️कर्ता की ने विभक्ति का प्रयोग:
कर्ता की ‘ने’ विभक्ति का प्रयोग निम्नांकित स्थितियों में किया जाता है:-

  1. सकर्मक क्रिया के सामान्य भूतकाल, आसन्न भूतकाल, पूर्ण भूतकाल तथा संदिग्ध भूतकाल में कर्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोग किया जाता है ।
    जैसे- मैंने खाया, तुमने खाया है, राम ने खाया था, मोहन ने खाया होगा ।
  2. ‘डालना’ या ‘देना” क्रिया के पहले कोई अकर्मक या सकर्मक क्रिया रहे, तो उपर्युक्त चारों भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न लगता है ।
    जैसे- उसने हँस दिया। गुरुजी ने मेरे निबंध देख दिये । राम ने मेरी बिल्ली को मार डाला होगा ।
  3. ‘सोचना’ और ‘समझना” क्रिया के चारों भूतकालों- सामान्य, आसन्न, पूर्ण और संदिग्ध- में विकल्प से कर्ता का ‘ने’ चिह्न आता है।
    जैसे—उसने इस पर देर तक सोचा । उसने यह बात सोची ।
  4. कर्म की उपस्थिति में ‘पुकारना” क्रिया के साथ भी पूर्वोत भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न लगता है । जैसे-राम ने तुम्हें पुकारा ।
  5. थूकना, खाँसना, नहाना, छींकना इत्यादि अकर्मक क्रियाओं के साथ सामान्य, आसन्न, पूर्ण और संदिग्ध भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न आता है। जैसे-मैंने थूका। उसने नहाया है। सीता ने छींका था।
    सोहन के खांसा होगा
  6. कभी-कभी अकर्मक क्रिया भी सजातीय कर्म रहने पर सकर्मक बन जाती है । ऐसी दशा में पूर्वोक्त चारों भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न लगता है ।
    जैसे- सिपाहियों ने अच्छी लडाई लडी । राम ने गहरी चाल चली । उसने अच्छी बोली बोली ।
  7. आज्ञाबोधक क्रिया में भी कर्ता का ‘ने’ चिह्न लगता है ।
    जैसे- पिताजी ने मुझे जाने न दिया । तुमने उसे कहने न दिया ।
  8. हेतुहेतुमद् भूतकाल में भी कर्ता का ‘ने’ चिह्न आता है ।
    जैसे- तुमने भरपेट खायाहोता, तो भूख से नहीं छटपटाते ।
  9. जब संयुक्त क्रिया के दोनों खंड सकर्मक हों, हो अपूर्ण भूतकाल के अतिरिक्त सभी भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न आता है ।
    जैसे- मैंने कह दिया । रघु ने खा लिया ।
  10. प्रेरणार्थक क्रियाओं के साथ अपूर्ण भूतकाल के अतिरिक्त शेष सभी भूतकालों में कर्ता का ‘ने’ चिह्न आता है । जैसे- मैंने उसे सिखाया । मैंने भिखारी को कुछ पैसे दिलवाये ।

‼️ ‘ने’ चिन्ह का प्रयोग कहाँ नही होता है:-

  1. वर्तमान काल, अपूर्ण भूतकाल तथा भविष्यकाल में कर्ता के ‘ने’ चिन्ह का प्रयोग बिलकुल नही होता।
  2. ‘बकना’, ‘बोलना’, ‘भूलना, ‘लाना’, ‘ले जाना’ यद्दपि सकर्मक क्रियाएं हैं, तथापि इनके साथ कर्ता का ‘ने’ चिन्ह नही प्रयुक्त होता है।
  3. संयुक्त क्रिया के अंतिम खंड के अकर्मक होने पर उसके साथ कर्ता के ‘ने’ चिह्न का प्रयोग नहीं होता । जैसे- मैं गा चुका । वह जा चुका ।
  4. जिन वाक्यों में लगना, जाना, सकना तथा चुकाना सहायक क्रियाओं का प्रयोग होता है, उनमें कर्ता का ‘ने’ चिह्न नहीं लगता । जैसे-वह खाना खाने लगा । वह बडी मुश्किल से सो सका । वह सारी मिठाई खा गया ।
    एक वाक्य में कारक की सभी विभक्तियों का प्रयोग:-
    हे भक्तजनो ! श्रीराम ने अयोध्या से लंका में जाकर सीता के लिए हनुमान तथा सुग्रीव आदि की सहायता से रावण की मारा था ।
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