🇮🇳❄️भारत पेट्रोलियम भंडार कहाँ और क्यों बना रहा है.

Strategic Petroleum Reserves in India:-वर्तमान में कोविड 19 के चलते पूरे विश्व में तेल की डिमांड बहुत कम हो गयी है जिसके कारण इसके मूल्यों में ऐतिहासिक कमी हुई है. भारत अभी लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल की दर से कच्चे तेल का आयात कर रहा है.इसलिए भारत सरकार के पास पूरा मौका है कि इस समय कच्चे तेल का ज्यादा से ज्यादा स्टोरेज कर लिया जाये. आईये इस लेख में जानते हैं कि भारत के पास कितनी स्टोरेज क्षमता है?

Strategic Petroleum Reserves in India

मनुष्य की आधारभूत जरूरतों में रोटी कपड़ा और मकान को माना जाता है लेकिन अब मनुष्य की आधारभूत जरूरतों में एक और चीज जुड़ गयी है और इस चीज का नाम है ऊर्जा. मनुष्य ने सभ्यता की शुरुआत में पत्थर की रगड़ से आग पैदा की थी और अब विद्युत् ऊर्जा, थर्मल ऊर्जा से लेकर परमाणु ऊर्जा भी पैदा कर रहा है.

लेकिन यदि पेट्रोलियम ऊर्जा की बात की जाए तो भारत इस मामले में आत्म निर्भर नहीं है. आज भारत के अपनी जरूरत का 83% कच्चा तेल आयात करना पड़ता है और अब भारत में डीजल और पेट्रोल की कीमतें हर दिन ऊपर-नीचे होतीं रहतीं हैं क्योंकि तेल की कीमतें बाजार भाव से तय होतीं हैं. इसलिए तेल की कीमतों में स्थिरता लाने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत को पेट्रोलियम भंडार बनाने की सख्त जरुरत है.

आइये इस लेख में जानते हैं कि भारत कहाँ-कहाँ पर पेट्रोलियम के भंडार बना रहा है और क्यों बना रहा है?

क्रूड ऑयल स्‍टोरेज को जमीन के नीचे पत्‍थरों की गुफाओं में बनाया जाता है. पत्‍थर की गुफाएं मानव नि‍र्मि‍त होती हैं और इनहें हाइड्रोकार्बन जमा करने के लि‍ए सबसे सुरक्षि‍त माना जाता है.

भारत में पेट्रोलियम भंडारों की शुरुआत कब हुई? (When Petroleum Reserves Built in India)👇🇮🇳

वर्ष 1990 में हुए प्रथम खाड़ी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बहुत उछाल आया था जिसके कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बहुत गिरावट आई थी और भारत के पास आयातित माल का भुगतान करने के लिए केवल तीन हफ्ते के आयात (1.2 बिलियन डॉलर) का पैसा बचा था.

तेल बाजार में उत्पन्न हुई समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकलने के लिए अटल बि‍हारी वाजपेयी सरकार ने 1998 में ऑयल रि‍जर्व करने का आइडिया दिया था.

कहाँ – कहाँ होंगे भारत के पेट्रोलियम भंडार? (Location of Petroleum Reserves in India)👇🇮🇳

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) के निर्माण और रखरखाव का जिम्मा भारतीय सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) को दिया गया है. भूमिगत चट्टानों में कच्चे तेल को स्टोर करना सबसे सुरक्षित माना जाता है.