हिंदी की बोलियां

हिंदी का क्षेत्र विशाल है और हिंदी की कई बोलियां (उपभाषाएं) हैं। से से कुछ में उच्च श्रेणी के साहित्य की रचना भी हुई है। ऐसी बोलियां में ब्रजभाषा और अवदी प्रमुख हैं। ये बोलियां हिंदी की विविधता हैं और उनकी शक्ति भी। वे हिंदी की जड़ों को गहरा बनाती हैं। हिंदी की बोलियां और उन बोलने वालों की उपनगरीय हैं जो न केवल अपने में एक बड़ा परंपरा, इतिहास, सभ्यता को समेटे हुए हैं वरन स्वतंत्रता संग्राम, जनसंघर्ष, वर्तमान के बाजारवाद के विरुद्ध भी उनके रचना संसार सचेत है।

हिंदी की बोलियां में प्रमुख हैं-
अवदी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, असेली, भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, झारखंडी, कुमाउंनी, मगही आदि।

किन्तु हिंदी के मुख्य दो भेद हैं – पश्चिमी हिंदी और पूर्वी हिंदी।